गर्भ का भाव-विश्व (हिंदी)

Rs.160.00
गर्भ का भाव-विश्व (हिंदी)

गर्भ का भाव-विश्व
लेखक:- श्री. गजानन केलकर
भाषा:- हिंदी
पन्ने:- १५६
देनमूल्य:- रु. १६०/- कूरियर चार्जेज जादा

इस ग्रंथ में गर्भ का मनोविज्ञान एवं फीटल सायकॉलॉजी जताई गयी है|

जन्मपूर्व अवस्था में, शिशु में, शिक्षा-ग्रहण की शक्ति सबसेअधिक होती है| शारिरीक और मानसिक, दोनों शक्तियॉं, इसी अवस्था में विपुल मात्रा में होती है|...केवल अंहकार की वजह, हम इस काल का उपयोग नही कर लेते|...अगर यह मूलभूत ज्ञान हम लें, तो उस बालक का वर्तमान शुभ होगा और भविषय भी| माता-पिता का, समाज का, राष्ट्रका काफी हद तक कल्याण होगा|

इस ग्रंथ में प्रस्तुत विषयोंपर चर्चा की है:-

1. युजेनिक्स्

2. विश्वस्तरपर स्वीकृत नौ सूत्र

3. गर्भ-विकास के चरण

4. गर्भ का कोशिकीय विज्ञान

5. संवेदनशील गर्भ

6. गर्भावस्थामें प्रयास

7. गर्भधारण और तीन प्रश्न

8. जनुकीय मजेदार बातें

9. ऐसे प्रश्न जो सहजतापूर्वक मन से उभरते है|

10. स्वानुभव

11.बुधिदनिषठ प्रार्थना का, गर्भ पर तथा माता पर हो रहा परिणाम| (शोधनिबंध)

13. मनशक्ति के जन्मपूर्व संस्कार परियोजना में किस तरह सहभाग लेंगे?

14. निराशा - चिन्ता - तनाव मापन परीक्षण

यह ग्रंथ चार भाषाओंमे उपलब्ध है - हिंदी, मराठी, अंग्रेजी, गुजराती

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